अत्याधुनिक तकनीक की-होल या एमआईसीएस एमवीआर




ग्वालियर में पहली बार बीआईएमआर हॉस्पिटल्स में अत्याधुनिक तकनीक की-होल या एमआईसीएस एमवीआर द्वारा बचाई गई मरीज की जान

32 साल की एक युवा महिला, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर रूमैटिक बीमारी (Rheumatic disease) से जूझ रही थी, उन्हें हार्ट फेलियर की स्थिति में बीआईएमआर (BIMR) अस्पताल में भर्ती किया गया था। भर्ती के समय उनकी लिवर फंक्शन टेस्ट और एक्स-रे रिपोर्ट भी काफी खराब थी।

मरीज की हालत स्थिर होने के बाद, ग्वालियर में पहली बार उनकी 'की-होल' या एमआईसीएस एमवीआर (MICS MVR) सर्जरी की गई। सर्जरी के मात्र 1 घंटे के भीतर उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया (Extubated)। मिनिमली इनवेसिव कार्डिएक सर्जरी (MICS MVR) के फायदे:

पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी की तुलना में यह तकनीक काफी बेहतर है। इसमें केवल 2-3 इंच का छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे दर्द कम होता है, खून का रिसाव कम होता है और इन्फेक्शन का खतरा भी घट जाता है। मरीज बहुत जल्दी ठीक होते हैं (6-12 हफ्तों के बजाय मात्र 2-4 हफ्तों में) और उन्हें अस्पताल में भी कम समय (2-5 दिन) रुकना पड़ता है। साथ ही, शरीर पर सर्जरी के निशान भी बहुत कम नजर आते हैं।

बी.आई.एम.आर. (BIMR) अस्पताल में अब नियमित रूप से की-होल तकनीक द्वारा CABG, AVR, DVR और MVR जैसी सर्जरी की जा रही हैं।