विगत दिवस एक 79 वर्षीय महिला मरीज जो की काफी समय से पार्किसन डिजीज नमक बीमारी से ग्रसित थी, जिसके कारण उसको चलने फिरने में परेशानी थी व कुछ समय से उसको खाना निगलने में भी परेशानी हो रही थी की समस्या से साथ गंभीर हालत में बीआईएमआर हॉस्पिटल आई । उसने इसके लिए शहर के अधिकांश डॉक्टर्स से परामर्श किया सभी ने उसे नाक के रास्ते TUBE के माध्यम से खाना खाना बताया जो की उसके लिए बहुत ही असुविधाजनक हो रहा था जिसकी वजह से बार बार खाना फेफड़ों में फस जाने की वजह से उसको निमोनिया भी हो रहा था । काफी समय से सही से खाना न खा पाने की वजह से शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी हो गई थी । उसको गंभीर हालत में बीआईएमआर हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉ. शशांक सिंह ने देखा और उस मरीज को भर्ती करके उसका इलाज शुरू किया । मरीज की हालत में सुधार आने के बाद डॉ. शशांक ने मरीज खाना न निगल पाने की समस्या के लिए उसका मिनिमल इनवेसिव प्रोसीजर PEG TUBE PLACEMENT किया । मरीज का सफल प्रोसीजर डॉ. शंशांक सिंह व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी टीम राघवेंद्र दुबे व वर्षा के द्वारा सफलतापूर्वक किया गया ।
क्या है PEG ट्यूब प्लेसमेंट?
PEG ट्यूब प्लेसमेंट एक एंडोस्कोपी आधारित मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें पेट की त्वचा के जरिए एक विशेष ट्यूब सीधे स्टमक (पेट) में डाली जाती है। इस ट्यूब के माध्यम से लिक्विड डाइट, पोषण सप्लीमेंट और आवश्यक दवाएँ दी जाती हैं। यह ओपन सर्जरी नहीं होती, बल्कि एक छोटा और नियंत्रित प्रोसीजर होता है।
किन मरीजों को होती है जरूरत?
यह प्रक्रिया उन मरीजों के लिए उपयोगी है जिन्हें लंबे समय तक निगलने में कठिनाई रहती है, जैसे —
स्ट्रोक के बाद के मरीज
ब्रेन इंजरी या कोमा की स्थिति
गले या फूड पाइप के कैंसर रोगी
न्यूरोलॉजिकल बीमारियाँ (जैसे पार्किंसन, ALS)
लंबे समय से ICU में भर्ती मरीज
बार-बार खाना फेफड़ों में जाने का खतरा (एस्पिरेशन)
PEG ट्यूब प्लेसमेंट करने के बाद अगले ही दिन मरीज को पूर्ण स्वस्थ अवस्था में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया । बीआईएमआर हॉस्पिटल में पेट आंत एवं लिवर रोग की सम्पूर्ण जांच जैसे एंडोस्कोपी, कैप्सूल एंडोस्कोपी, सिग्मोइडोस्कोपी , कोलोनोस्कोपी व लिवर की जांच फाइब्रो स्कैन अत्याधुनिक मशीन द्वारा नियमित रूप से की जा रही है । गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए ERCP व और भी प्रोसीजर एंडोस्कोपी के माध्यम से सफलतापूर्वक किये जा रहे है ।