ग्वालियर में पहली बार स्टेंट असिस्टेड कॉइलिंग द्वारा ब्रेन एन्यूरिज़्म का सफल उपचार
बिना किसी बड़े ऑपरेशन और बिना चीर फाड़ के डॉ. सौरभ गुप्ता द्वारा ब्रेन हेमरेज से पीड़ित मरीज का सफल इलाज कर जीवनदान दिया गया
शहर के BIMR हॉस्पिटल में न्यूरो इंटरवेंशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर, डॉ. सौरभ गुप्ता (वरिष्ठ इंटरवेंशन न्यूरोलॉजिस्ट एवं स्ट्रोक स्पेशलिस्ट) एवं उनकी टीम ने 45 वर्षीय महिला मरीज का स्टेंट असिस्टेड कॉइलिंग तकनीक द्वारा ब्रेन एन्यूरिज़्म का सफलतापूर्वक उपचार किया।
मरीज को अचानक तेज (थंडरक्लैप) सिरदर्द और बेहोशी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान CT स्कैन में सब-अरैक्नॉइड हेमरेज (SAH) की पुष्टि हुई। इसके बाद DSA जांच में एंटीरियर सेरेब्रल आर्टरी (ACA) से उत्पन्न रप्चर्ड सैक्युलर एन्यूरिज़्म का पता चला।
डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्टेंट असिस्टेड कॉइलिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना बड़े ऑपरेशन और बिना चीर फाड़ के एन्यूरिज़्म का इलाज किया जाता है। यह जटिल प्रक्रिया तकरीबन 3 घंटे तक चली ।
ऑपरेशन के बाद मरीज को केवल 4 दिन में बिना किसी न्यूरोलॉजिकल कमी के स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
इस आधुनिक प्रक्रिया के प्रमुख लाभ:
- न्यूनतम रक्तस्राव
- कम समय में रिकवरी
- छोटा/न्यूनतम चीरा
- अस्पताल में कम समय तक भर्ती
यह ग्वालियर में संभवतः पहला मामला है, जिसमें ब्रेन एन्यूरिज़्म का उपचार स्टेंट असिस्टेड कॉइलिंग तकनीक से सफलतापूर्वक किया गया।
इस सफल उपचार का श्रेय डॉ. निशांत एवं उनकी टीम को जाता है, जिनकी विशेषज्ञता और समर्पण से यह जटिल प्रक्रिया संभव हो सकी। साथ ही BIMR हॉस्पिटल प्रबंधन का भी विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने अत्याधुनिक उपकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।